संघ का कार्य शुद्ध सात्त्विक प्रेम और समाजनिष्ठा पर आधारित है – सरसंघचालक जी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि समाज और जीवन में संतुलन ही धर्म है, जो किसी भी अतिवाद से बचाता है। भारत की परंपरा इसे मध्यम मार्ग कहती है और यही आज की दुनिया की सबसे बड़ी आवश्यकता
संघ का निर्माण भारत को केंद्र में रखकर हुआ है और इसकी सार्थकता भारत के विश्वगुरु बनने में है – डॉ. मोहन भागवत जी
संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यानमाला के प्रथम दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि संघ का निर्माण भारत को केंद्र में रखकर हुआ है और इसकी सार्थकता भारत के विश्वगुरु बनने में है।
भारत की महान कुटुंब परम्पराएं ही दुनियां को आनंद की अनुभूति करा सकती है-नंद लाल जोशी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक नंद लाल जोशी का कहना है कि भारतीय कुटुंब परम्परा दुनियां की श्रेष्ट परम्परा है।वसुधैव कुटुम्बकम् की अवधारणा के आधार पर ही भारत विश्वगुरु रहा है। उनके अनुसार दुनियां एक बार फिर भारत की श्रेस्ट परम्पराओं को
1008 कुंडीय यज्ञ करके गुरुग्राम में मनाया रामोत्सव
सोमवार, 22 जनवरी 2024 को पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के कार्यकर्ताओ के तत्वावधान में 1008 कुंडिय यज्ञ का भव्य आयोजन ताऊ देवी लाल स्टेडियम, गुरुग्राम में की गयी। यह कार्यक्रम अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहे नवीन मंदिर भूतल के गर्भ गृह में